भ्रष्टाचार पर योगी सरकार का कड़ा प्रहार: वित्तीय अनियमितता के आरोप में दो अधिकारी बर्खास्त
Yogi government cracks down on corruption
लखनऊ। Yogi government cracks down on corruption: योगी सरकार ने वित्तीय भ्रष्टाचार के आरोप में अमेठी के तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी मनोज कुमार शुक्ला और हरदोई के हर्ष मवार को बर्खास्त कर दिया है। मनोज शुक्ला ने प्रधान लिपिक से जबरन अपनी पत्नी के खाते में 40 हजार रुपये ट्रांसफर कराया था, वहीं हरदोई के हर्ष मवार पर टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता साबित हुई थी।
अमेठी के जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में प्रधान लिपिक गोकुल प्रसाद जायसवाल ने शिकायत की थी कि दिसंबर 2024 में मनोज कुमार शुक्ला ने उन्हें चेंबर में बुलाकर जबरन मोबाइल छीना। पासवर्ड खुलवाकर अपनी पत्नी के खाते में 40 हजार रुपये डलवा लिया। प्रारंभिक जांच में शुक्ला पर आरोप की पुष्टि होने पर उन्हें निलंबित कर निदेशालय से संबद्ध कर दिया गया था।
समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक सुनील कुमार विसेन को जांच अधिकारी बनाया गया। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग प्रयागराज ने 26 फरवरी को पत्र जारी कर दिया। निलंबित चल रहे मनोज शुक्ला को बर्खास्त कर दिया गया।
वहीं, हर्ष मवार के खिलाफ वित्तीय अनियमितता की जांच उप निदेशक श्रीनिवास द्विवेदी ने की। हर्ष ने हरदोई में तैनाती के दौरान 2017-18 से 2020-21 तक भोजन मद, सामग्री एवं अन्य मदों में कार्यरत संस्थाओं को किसी सक्षम अधिकारी की संतुति के बिना बिलों का भुगतान किया। आरोप सिद्ध होने पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने 16 फरवरी को बर्खास्तगी की कारवाई पर सहमति दे दी।